नींद

on Tuesday, December 30, 2008

दिसम्बर का महिना खत्म हो चला है पर सर्दियाँ अब शुरू हुई है हम जब सुबह अपने नर्म और गर्म बिस्तर से उठते है तो क्या हममें से कोई यह बात सोचता है की बीती रात कितने लोगों ने सड़क, पार्क या फ़िर किसी फुटपाथ पर काटी होगी। मैं और आप इस ठण्ड में रजाई से निकले के बारे में भी नही सोच सकते लेकिन कुछ लोग पूरी रात बिना चद्दर के ही काट लेते है ये बहादुरी नही मजबूरी है । रोज़गार की तलाश में रोज़ बहुत से लोग दिल्ली आते है लेकिन दिल्ली में क्या अब लोगों का पेट भरने और उनके सर पर छत देने की शक्ति रह गई है ...?






फूलो का जादू





हमारी दिल्ली...

जामा मस्जिद
लाल किला
लाल किला
इंडिया गेट
कुतुब मीनार
कुतुब मीनार
कुतुब मीनार
हुमायूँ का मकबरा
हुमायूँ का मकबरा
हुमायूँ का मकबरा
राष्ट्रपति भवन
राष्ट्रपति भवन
इंडिया गेट
इंडिया गेट

सुल्तानपुर पक्षी अभयारण्य

on Sunday, December 14, 2008

दिल्ली, सुल्तानपुर बर्ड अभयारण्य दिल्ली से 46 किमी की दूरी पर स्थित घरेलू और प्रवासी पक्षीयों के लिए एक किस्म का स्वर्ग है। हर साल सर्दियों के मौसम में प्रवासी पक्षी यहाँ आते है। यहाँ पर नील गाय, हिरन भी मौजूद है।








डोल्मा लिंग ज़नाना मठ

on Friday, December 5, 2008

भारत के हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला जिले में नन के लिए डोल्मा लिंग ज़नाना मठ बनाया गया है। यहाँ पर इनकी हर जरूरतों का ध्यान रखा जाता है। यहाँ पर इनकी अध्ययन सामग्री, धार्मिक गतिविधियों, और रोज़मर्रा की जरूरतों को पूरा किया जाता है । इन्हे धार्मिक शिक्षण के साथ -साथ तकनिकी शिक्षण भी दिया जाता है। ज़नाना मठ को पहले से तयशुदा आगंतुकों और पर्यटन के लिए खौला जाता है। प्रार्थना और पूजाओं विशेष अनुरोध करके प्रोफोर्म भी करवाया जाता है।

अंतर्राष्टीय व्यापार मेला 2008

on Saturday, November 22, 2008

दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे 28वें अंतर्राष्टीय व्यापार मेले का उद्दघाटन 14 नवम्बर को भारत के उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के द्वारा किया गया। इस साल जितने भीड़ आने की उम्मीद थी उतनी भीड़ नही आ रही है। यहाँ पर शौपिंग करने के लिए बहुत कुछ है एक ही जगह पर आप भारत के साथ साथ दूसरे देशो के पवेलियन से भी शौपिंग कर सकते है।


सूर्य उदय

on Saturday, November 15, 2008





हम सभी सूरज को उदय होते हुए रोज़ देखते है पर रोज़ -रोज़ देखकर हम उसकी सुन्दरता को भूल से जाते है मैंने उगते हुए सूरज की सौम्यता को देखने की कोशिश की है।